गज़ा की सर ज़मीन प बहता हुआ लहू
अश्कों में ढलके माह-ऐ-मुहर्रम से मिल गया
बिखरी हुई हैं लाशें शहीदों की चारसू
ये गम भी ऐ हुसैन तेरे गम से मिल गया
--शकील शम्सी
SCO Summit 2026: PM Modi's Central Asia Chessboard
23 hours ago
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गज़ा की सर ज़मीन प बहता हुआ लहू
अश्कों में ढलके माह-ऐ-मुहर्रम से मिल गया
बिखरी हुई हैं लाशें शहीदों की चारसू
ये गम भी ऐ हुसैन तेरे गम से मिल गया
--शकील शम्सी
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